world bank promises USD200bn in climate action for doubling its 5 years | 2021-25 के लिए विश्व बैंक 14 लाख करोड़ रु. देगा, यह मौजूदा फंडिंग का दोगुना

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world bank promises USD200bn in climate action for doubling its 5 years | 2021-25 के लिए विश्व बैंक 14 लाख करोड़ रु. देगा, यह मौजूदा फंडिंग का दोगुना

  • विश्व बैंक के सीनियर डायरेक्टर ने कहा- उत्सर्जन कम करने में नाकाम रहे तो 2030 तक 10 करोड़ लोग गरीबी में पहुंच जाएंगे
  • विश्व बैंक की सीईओ के मुताबिक- समुद्रों का जलस्तर, बाढ़ और सूखे से मिलकर लड़ने की जरूरत

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2018, 10:21 AM IST

वारसॉ. विश्व बैंक ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए 2021-25 के लिए 200 बिलियन डॉलर (करीब 14 लाख करोड़ रुपए) देने का ऐलान किया है। यह रकम मौजूदा 5 साल के लिए दिए गए फंड की दोगुनी है। पोलैंड में संयुक्त राष्ट्र जलवायु समिट में विश्व बैंक ने कहा कि इससे लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।

हर साल दिए जाएंगे 50 बिलियन डॉलर

  1. विश्व बैंक के मुताबिक- ये पहली बार है कि उत्सर्जन कम करने के लिए 2021-25 के दौरान हर साल 50 बिलियन डॉलर दिए जाएंगे। बैंक की सीईओ क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने कहा- जिस तरह से समुद्र तल, बाढ़ और सूखे का खतरा बढ़ रहा है, इसके लिए लड़ने की जरूरत है।

  2. जॉर्जीवा के मुताबिक- विकासशील देशों के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों तक मदद पहुंचती रहे, इसके लिए हम एक ढांचा बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विश्व बैंक स्मार्ट खेती और पानी की उपलब्धता के लिए निवेश करेगा।  


  3. विकासशील देशों की जाएगी मदद

    जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विकसित देशों ने विकासशील देशों में निवेश करने पर सहमति जताई थी। 2020 तक के लिए 100 बिलियन डॉलर दिए जाने हैं। 2016 में 48.5 बिलियन डॉलर और 2017 में 56.7 बिलियन डॉलर दिए गए थे। 

  4. यह भी कहा गया कि दक्षिणी गोलार्ध के देश धरती को गर्म होने से रोकने की कोशिशों में जुटे हुए हैं लेकिन उन्हें उत्तरी गोलार्ध के देशों से पर्याप्त मदद नहीं िमल पा रही।

  5. 200 में से 100 बिलियन डॉलर की रकम विश्व बैंक की तरफ से दी जाएगी। बाकी पैसा वर्ल्ड बैंक की जुड़ी एजेंसियों से जुटाया जाएगा। विश्व बैंक के सीनियर डायरेक्टर जॉन रूमे के मुताबिक- अगर हम उत्सर्जन कम करने में नाकाम रहते हैं तो 2030 तक 10 करोड़ लोग गरीबी में पहुंच जाएंगे। अफ्रीका, दक्षिण एशिया और लैटिन अमेरिका से 13 करोड़ लोग जा चुके हैं।

  6. रूमे ने बताया- जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए 2018 के वित्तीय वर्ष में विश्व बैंक 20.5 बिलियन डॉलर की मदद देगा। जबकि 2014-18 के दौरान 13.5 बिलियन डॉलर की मदद ही दी गई थी। हमारा मकसद जलवायु को लोगों के अनुकूल बनाने में मदद करना है ताकि मौसम की मुश्किलों से जूझ रहे लोगों को मदद मिल सके।

  7. रूमे के मुताबिक- अगर हम 2 डिग्री सेल्सियस तक तापमान कम करना चाहते हैं तो अफ्रीका के चाड, मोजांबिक और बांग्लादेश जैसे क्षेत्रों में आमूलचूल बदलाव करने होंगे।



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2018-12-06 03:21:17

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