Mehul Choksi not medically fit to travel, says lawyer | अगले तीन महीने में भारत आ सकता है 13 हजार करोड़ के घोटाले का आरोपी मेहुल चौकसी, अभी तो सिर्फ इतने रु. देकर एंटीगुआ में बैठा है, पैसों से खरीद रखी है वहां की नागरिकता

43

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Mehul Choksi not medically fit to travel, says lawyer | अगले तीन महीने में भारत आ सकता है 13 हजार करोड़ के घोटाले का आरोपी मेहुल चौकसी, अभी तो सिर्फ इतने रु. देकर एंटीगुआ में बैठा है, पैसों से खरीद रखी है वहां की नागरिकता

Mehul Choksi not medically fit to travel, says lawyer | अगले तीन महीने में भारत आ सकता है 13 हजार करोड़ के घोटाले का आरोपी मेहुल चौकसी, अभी तो सिर्फ इतने रु. देकर एंटीगुआ में बैठा है, पैसों से खरीद रखी है वहां की नागरिकता
2018-11-27 14:52:11

न्यूज डेस्क। बैंकों का 13 हजार करोड़ रुपए लेकर फरार चल रहे बिजनेसमैन मेहुल चौकसी को लेकर नई खबर आई है। उसके वकील ने कोर्ट में कहा है कि यदि उनकी (मेहुल चौकसी) की कंडीशन बेहतर होती है तो वो अगले तीन महीन में इंडिया में वापस आ सकता है। वकील ने कहा कि अभी वो स्टेटमेंट देने की पोजिशन में नहीं हैं। बता दें कि चौकसी ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली है। उसे यह नागरिकता 1.3 करोड़ रु जमा करने के बाद मिली है। दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां कोई भी व्यक्ति पैसे देकर नागरिकता पा सकता है। हमने इस बारे में रूस, फ्रांस सहित कई देशों में भारत के राजदूत रह चुके कंवल सिब्बल (रिटायर्ड) से बात कर जाना कि आखिर इन देशों में किसी को भी नागरिकता इतनी आसानी से क्यों मिल जाती है? और भारत उन्हें कैसे वापस ला सकता है।

5 देश, जहां पैसों से खरीदी जा सकती है नागरिकता

1. डोमिनिका


कैरेबियन आइलैंड डोमिनिका में महज $100,000 (करीब 68.71 लाख रुपए) देकर सिटीजनशिप मिल जाती है। इसके अलावा कुछ फीस भी जमा करनी होती हैं। सिटीजनशिप के पहले एक पर्सनल इंटरव्यू होता है। डोमिनिका कॉमनवेल्थ नेशन है, इसलिए यूके और कॉमनवेल्थ से जुड़े 50 देशों को विशेष सहूलियतें भी यहां मिलती हैं। यहां के लोग बिना वीजा के ही डोमिनिका जा सकते हैं।

2. सेंट किट्स एंड नेविस

सेंट किट्स एंड नेविस भी एक कैरेबियन आइलैंड है। यहां दो तरीकों से सिटीजनशिप दी जाती है। सेंट किटीस एंड नेविस शुगर इंडस्ट्री डायवरसिफिकेशन फाउंडेशन में $250,000 (करीब 1.71 करोड़ रुपए) का डोनेशन देकर सिटीजनशिप पाई जा सकती है। इसके अलावा कंट्री के रियल एस्टेट में $400,000 (करीब 2.74 करोड़ रुपए) का इन्वेस्टमेंट करके भी सिटीजनशिप पाई जा सकती है।

3. एंटीगुआ और बारबुडा

एंटीगुआ और बारबुडा में 2013 में CIP (सिटीजनशिप बाय इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम) शुरू किया गया। इसके पैरामीटर्स सेंट किट्स एंड नेविस से मिलते-जुलते ही हैं। यहां रियल एस्टेट में $400,000 (करीब 2.74 करोड़ रुपए) का इन्वेस्टमेंट या (करीब 1.37 करोड़ रुपए) डोनेशन देकर सिटीजनशिप पाई जा सकती है। एंटीगुआ के प्राइम मिनिस्टर बाल्डविन स्पेंसर ने सिटीजनशिप प्रोग्राम का रीजन देते हुए बताया था कि इसे सीआईपी इकोनॉमिक स्लोडाउन (मंदी) को रोकने के लिए इंट्रोड्यूस किया गया।

4. माल्टा

माल्टा यूरोप का एक छोटा सा देश है। यहां 650,000 यूरो (करीब 5.22 करोड़ रुपए) देकर सिटीजनशिप ली जा सकती है। रेसीडेंस प्रूफ देने की भी कोई जरूरत नहीं होती। प्रोग्राम शुरू होने के पहले साल ही करीब 45 लोगों ने यहां की नागरिकता के लिए अप्लाई किया था। इससे देश के रेवेन्यू में काफी बढ़ोत्तरी हुई।

5. साइप्रस

साइप्रस यूरोपीय संघ का दूसरा ऐसा देश है जो सीधे तौर पर CIP (सिटीजनशिप बाय इन्वेस्टमेंट रूट) के जरिए सिटीजनशिप दे रहा है। मार्च में प्रोगाम की लागत को 2 लाख यूरो तक घटा दिया गया था। ऐसा रूसी इन्वेस्टर्स को रिझाने के लिए किया गया था।

# देश क्यों बेच रहे हैं नागरिकता


– नागरिकता बेचने वाले अधिकतर छोटे आइलैंड होते हैं। इनका कोई बहुत समृद्ध इतिहास या इंटरनेशनल स्टेट्स नहीं होता।

– यहां गिनती के लोग डिसीजन मेकर होते हैं और वही गवर्न करते हैं।

– इन देशों में ज्युडिशियल सिस्टम भी बहुत मजबूत नहीं होता।

– नागरिकता बेचने से इन देशों में एक बड़ा इन्वेस्टमेंट हो रहा है। सिटीजनशिप प्रोग्राम से सेंट किट्स एंड नेविस जैसे देशों की जीडीपी ग्रोथ कर रही है। 2013 में इसी के चलते सेंट किट्स एंड नेविस की जीडीपी में 25 परसेंट ग्रोथ हुई थी।

– रेसीडेंस एंड सिटीजनशिप प्लानिंग कंपनी हेनले एंड पार्टनर्स के मुताबिक, हर साल कई हजार लोग दो अरब डॉलर तक दूसरे और तीसरे पासपोर्ट को हासिल करने के लिए खर्च कर देते हैं।

# हम वापस क्यों नहीं ला पाते

– इन देशों का ज्युडिशियल सिस्टम बहुत मजबूत नहीं है, जहां से हमें मदद मिल सके।

– इंटरपोल का नोटिस जारी होने के बाद कोई भी व्यक्ति किसी एक देश में ज्यादा दिनों तक नहीं रह सकता।

– देशों को भी इंटरनेशनल लेवल पर अपनी इमेज बिगड़ने का डर रहता है, ऐसे में यदि हम प्रेशराइज करें तो आज नहीं तो कल भगोड़ों को वहां से भागना पड़ सकता है।

# रिफ्यूजी के तौर पर ब्रिटेन में गुजार सकते 5 साल

– भारत से कई भगोड़े ब्रिटेन में भी पनाह लेते हैं। दरअसल ब्रिटेन में ऐसा कोई भी व्यक्ति पनाह ले सकता है जो अपने देश में धर्म, नस्ल, जाति, राष्ट्रीयता या अन्य किसी वजह से खतरा महसूस करता हो। रिफ्यूजी के तौर पर वहां 5 साल तक रहा जा सकता है। कुछ स्थितियों में इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

– माइग्रेंट डिपार्टमेंट में अप्लाई करने के 6 माह के भीतर ही रहने की स्वीकृति मिल जाती है। यहां रहने वाले रिफ्यूजी की सरकार आर्थिक तौर पर मदद भी करती है। भारत से अधिकतर भगोड़े ब्रिटेन, अमेरिका, यूएई और कनाडा जाते हैं।

Source – Dainik Bhaskar



Mehul Choksi not medically fit to travel, says lawyer | अगले तीन महीने में भारत आ सकता है 13 हजार करोड़ के घोटाले का आरोपी मेहुल चौकसी, अभी तो सिर्फ इतने रु. देकर एंटीगुआ में बैठा है, पैसों से खरीद रखी है वहां की नागरिकता
2018-11-27 14:52:11

Images are for reference only.Images gathered automatic from google.All rights on the images are with their original owners.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy