mahabharat 2019 ground report on West Bengal | पश्चिम बंगाल में 42 में से 10-12 सीटों पर तृणमूल-भाजपा की कड़ी टक्कर संभव

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mahabharat 2019 ground report on West Bengal | पश्चिम बंगाल में 42 में से 10-12 सीटों पर तृणमूल-भाजपा की कड़ी टक्कर संभव

mahabharat 2019 ground report on West Bengal | पश्चिम बंगाल में 42 में से 10-12 सीटों पर तृणमूल-भाजपा की कड़ी टक्कर संभव
2018-11-30 10:21:01

  • उत्तरप्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों में 2014 जैसा परिणाम न मिलने की अंदरूनी रिपोर्ट के बाद इस लोकसभा चुनाव में भाजपा पश्चिम बंगाल में पूरी ताकत झोंकेगी
  • इस बार संभावनाएं भी ज्यादा हैं, घुसपैठियों से आम बंगालियों की नाराजगी पक्ष में है, रथयात्राओं के जरिए भी पार्टी वोटों के ध्रुवीकरण का प्रयास करेगी

Dainik Bhaskar

Nov 29, 2018, 07:38 AM IST

विकास सिंह (कोलकाता). शासन ठीक-ठाक है, परंतु ममता अगर बनर्जी ही बनी रहें तो ठीक है, उनके बानो बनने से भाजपा को फायदा होगा। यह कहना है भवानीपुर में रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक अरिंदम दत्ता का, जहां से जीतकर ममता बनर्जी विधानसभा पहुंची हैं। दत्ता का तात्पर्य दरअसल ममता की तुष्टीकरण की नीति और बांग्लादेशियों के प्रति उदार रवैये से है।

 

इधर, इन्हीं भावनाओं के बीच भाजपा ध्रुवीकरण का रास्ता तलाश रही है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह राज्य के तीन धार्मिक स्थानों से रथयात्राएं निकाल राज्य में अयोध्या-सोमनाथ जैसा लाभ लेने के यत्न में हैं। अगले माह की 7 तारीख को कूचबिहार, 9 को गंगासागर, 14 तारीख को तारापीठ से शाह रथयात्राओं को हरी झंडी दिखाएंगे। ये रथयात्राएं 16 जनवरी को कोलकाता में खत्म होंगी। इस तरह 42 लोकसभा सीटों वाले इस राज्य में भाजपा ने 20 से 23 सीटें जीतने का टारगेट रखा है। हालांकि उसकी बढ़त की उम्मीद से जानकार भी इत्तेफाक रखते हैं।

 

पश्चिम बंगाल की राजनीति को गहराई से समझने वाली सोनू ओझा कहती हैं कि भाजपा ने हिन्दुत्व कार्ड के दम पर वोटों को स्पष्ट तौर पर दो भागों में बांटने की फुलप्रूफ प्लानिंग कर रखी है। लगभग 10 करोड़ की आबादी वाले पं. बंगाल में हिन्दुओं की हिस्सेदारी 70.54 और मुसलमानों की 27.01 है। अन्य लगभग नगण्य हैं। इधर, दार्जिलिंग व सिलीगुड़ी में गोरखालैंड जनमुक्ति मोर्चा के सहयोग से भाजपा अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। गोरखालैंड जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरुंग फिलहाल भाजपा के साथ हैं। वहीं बांकुड़ा, पुरुलिया, मिदनापुर, झारग्राम समेत आसपास के क्षेत्रों के आदिवासियों के बीच पार्टी ने अपनी पैठ बनाई है।

 

इन सभी प्रयासों से 10 से 12 सीटों पर भाजपा डायरेक्ट फाइट की स्थिति में नजर आती है। वैसे सबसे बड़े मुद्दे बांग्लादेशियों के प्रति उदार रवैये पर सरकार के प्रभावशाली मंत्रियों में से एक शुभेंदु अधिकारी कहते हैं- हमारी सरकार सबके विकास में विश्वास रखती है। जो हमारे राज्य में हैं, वे हमारी जनता हैं। इसके जवाब में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा का कहना है कि- बंगालियों का हक मारकर बांग्लादेशियों को देने वाली सरकार का विरोध हर देशवासी करता है। भाजपा भी कर रही है तो ममता को चिंता क्यों हो रही है। क्या ममता को भय है कि रथयात्राओं से बांग्लादेशी या रोहिंग्याओं को छोड़ सभी उनसे बिदक जाएंगे?

 

2014 के लोकसभा चुनाव में यह थी सीटों की स्थिति

 

कुल सीट
42
टीएमसी    
34
कांग्रेस    
04
भाजपा    
02
सीपीएम    
02

 

2 ध्रुवों में बंटती दिख रही राजनीति

जानकार कहते हैं कि टीएमसी, सीपीएम से नाराज मूल बंगालियों का स्वत: रुझान भाजपा की ओर है। एेसे में टीएमसी वोटों का बिखराव रोकने के लिए कांग्रेस से गठबंधन चाहती है, लेकिन कांग्रेसी विधायक ऐसा नहीं चाहते। सीपीएम के प्रति नरम रवैया भी टीएमसी की जरूरत बन चुका है। हालांकि टीएमसी की जमीनी पकड़ अब भी कमजोर नहीं हुई है। अकेले भी लड़ी तो वह 20 से 25 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है।

 

राजनीति का हिस्सा नहीं रहे ये बड़े मुद्दे

  • सिंगुर: 2008 में नैनो कार के आने और जाने के बीच मचे संग्राम की आंच अब शिथिल हो चुकी है। 
  • नंदीग्राम: केमिकल हब के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण पर बवाल और 14 लोगों की मौतों का शोर अब चुनावी मुद्दे से दूर है।
  • गैरबंगाली: उत्तरी 24 परगना में 59 जूट मिलें थीं, 3 लाख गैरबंगाली मजदूर थे। मिलें बंद हुईं, मुद्दा बना, अब शिथिल है।

     

इस लोकसभा चुनाव ये मुद्दे रहेंगे हावी

  • बांग्लादेशी घुसपैठ: राजनीतिक विश्लेषक समीर मंडल का कहना है कि बांग्लादेशियों के आसान प्रवेश और वोटर बनने के लिए सरकारी दस्तावेज की उपलब्धता का मुद्दा विरोधी दल भुनाएगा।
  • धर्म: भाजपा ने रथयात्राओं का शेड्यूल तय कर हिन्दुत्व कार्ड खेलने का खुला ऐलान किया है। वहीं अन्य पार्टियां खुद को मुसलमानों का पैरोकार बता वोटर्स को लामबंद करने का प्रयास कर रही हैं। 
  • नोटबंदी, ब्लैकमनी, जीएसटी: भाजपा को घेरने के लिए टीएमसी समेत अन्य दलों ने नोटबंदी, ब्लैकमनी, खाते में 15 लाख आने की बात व जीएसटी सहित मेनिफेस्टो पर घेरने की तैयारी कर रखी है।

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