japan govt starts project for smiling and handsome father | काम के बोझ से दबे पिता खुश दिखें इसके लिए सरकार ने शुरू किया प्रोजेक्ट, बेहतर परिवार के लिए जरूरी बताया

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japan govt starts project for smiling and handsome father | काम के बोझ से दबे पिता खुश दिखें इसके लिए सरकार ने शुरू किया प्रोजेक्ट, बेहतर परिवार के लिए जरूरी बताया

  • जापान के पिताओं में हैंडसम और बच्चों जैसे खिलंदड़ दिखने का चलन बढ़ा 
  • अब पिताओं को इकुमेन कहा जा रहा, इकुजी (बच्चा) और इकेमेन (हैंडसम) का मिश्रण 
  • महिलाएं भी चाहती हैं कि पुरुष शानदार कपड़े पहने हुए, बाइक चलाते हुए, मुस्कुराते हुए और पार्क में बच्चों को खिलाते हुए दिखें
  • काम-परिवार में बैलेंस बनाए रखने के लिए सरकार भी चला रही इकुमेन प्रोजेक्ट 

Dainik Bhaskar

Nov 30, 2018, 04:19 PM IST

टोक्यो. जापान में रूढ़िवादी पिता की भूमिका बदल रही है। अब जापानी समाज में हैंडसम, मुस्कुराने, बच्चों से घुलने-मिलने और बाइक पर घूमने वाला पिता माना जा रहा है। अब वे घर में भी पत्नी का हाथ बंटाते हैं। पुरुष (पिता) अपने पारंपरिक अंदाज को छोड़ें, लिहाजा सरकार इसके लिए इकुमेन प्रोजेक्ट भी चला रही है।

 

इकुमेन शब्द इकुजी (बच्चों की देखभाल करना) और इकेमेन (हैंडसम) से मिलकर बना है। कभी जापान में पिता को सख्तमिजाज और अलग-थलग रहने वाला माना जाता था, लेकिन आज उसकी भूमिका बदल रही है। 2000 के दशक में इकुमेन शब्द को सेल्समैन के लिए इस्तेमाल किया जाता था। 2010 में सरकार ने परिवार में पिता की ज्यादा से ज्यादा शामिल होने के लिए नेशनल इकुमेन प्रोजेक्ट लॉन्च किया। आज इकुमेन जापानी समाज का अहम हिस्सा बन चुका है।

 

पहले पिता को सिर्फ कमाने वाला ही समझा जाता था

जापान में सालों तक पिता को कमाने वाला ऐसा व्यक्ति  माना जाता था जो कंपनी में देर तक काम करता है और परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। 1980 के दशक में जापानी पिताओं की यह स्थिति थी कि वह औसतन 40 मिनट ही बच्चों से बात करते थे। यह बातचीत खाने के दौरान ही हुआ करती थी। इस दौरान बच्चे डरे-सहमे और जबरदस्ती का सम्मान देने की कोशिश किया करते थे। पिता के इस बर्ताव को जिशिन (भूकंप), कमीनारी (तूफान) और काजी (आग) बुलाया जाता था। पिताओं के ऐसे बर्ताव के चलते 80 के दशक में कई बच्चों ने आत्महत्या तक कर ली।

 

Japan

 

बच्चे के पैदा होने पर छुट्टी भी नहीं लेते थे

जापान में बदलाव की दर काफी धीमी रही। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2002 में महज 0.33% पुरुषों ने ही पिता बनने पर छुट्टी ली। 2008 में हालात कुछ बेहतर हुए। तब तक एक तिहाई पुरुषों ने परिवार-बच्चों के साथ वक्त बिताने को तरजीह दी। हालांकि उन्हें भी यही आशंका रही कि ऐसा करने पर उनका बॉस नाराज होगा। 

 

पिता को सम्मान देने की पहल

पुरुषों के परिवार और काम बीच सामंजस्य बनाने के लिए ही सरकार ने इकुमेन प्रोजेक्ट लॉन्च किया। समस्याओं के समाधान के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस हेंडबुक भी निकाली गई। हेंडबुक में बताया कि पिता को कैसे बेहतर दिखना चाहिए? बुक के लोगो में एक व्यक्ति को टी-शर्ट पहने दिखाया गया है यानी पुरुषों को पारंपरिक सोच से अलग बताया गया। बुक के स्लोगन में लिखा- इकुमेन समाज की मजबूती है। एक पिता केवल अपने परिवार की रक्षा ही नहीं बल्कि भविष्य को पोषित भी करता है। देश को बचाने के लिए उनकी मदद करनी चाहिए।

 

पिता को सम्मान देने के लिए मैगजीन

नए दौर के पिताओं (इकुमेन) को सम्मान देने के लिए एक मैगजीन फादर्स क्वाटर्ली (एफक्यू) निकाली जा रही है। इसमें पिता और उनके बच्चे की एकजैसे कपड़े में तस्वीर प्रकाशित की जा रही है। पिता की भूमिका को बढ़ावा देने के लिए मिस्टर इकुमेन पेजेंट भी आयोजित किया जा रहा है। टीवी पर इकुमेन नाम का सीरियल भी आ रहा है। इसमें बताया गया है कि पत्नी के कमाने के दौरान पिता बेटी को पालता है। 

 

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कुछ हद तक हालात बेहतर हुए

इकुमेन प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद से बच्चा पैदा होने पर पुरुषों के छुट्टी लेने में इजाफा हुआ। 2012 में 1.9% तो 2017 में 7% पुरुषों ने पैटरनल लीव ली। 45% लोगों ने इस बात का समर्थन किया कि पुरुषों को काम करना चाहिए और महिलाओं को घर संभालना चाहिए। 1992 में ऐसा सोचने वाले 60% लोग थे। 

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2018-12-06 08:36:14

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