jaitley says demonetisation is a key decision to formalise economy updates | इससे अर्थव्यवस्था मजबूत हुई: जेटली, राहुल ने कहा- यह सोचा-समझा क्रूर षड्यंत्र था

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jaitley says demonetisation is a key decision to formalise economy updates | इससे अर्थव्यवस्था मजबूत हुई: जेटली, राहुल ने कहा- यह सोचा-समझा क्रूर षड्यंत्र था

jaitley says demonetisation is a key decision to formalise economy updates | इससे अर्थव्यवस्था मजबूत हुई: जेटली, राहुल ने कहा- यह सोचा-समझा क्रूर षड्यंत्र था
2018-11-27 17:31:56

जेटली ने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 में पिछले साल के मुकाबले 20.2% ज्यादा आयकर जमा हुआ 
मनमोहन सिंह के मुताबिक- दुर्भाग्यपूर्ण है कि वक्त बीतने के बाद भी और ज्यादा दिखाई दे रहे हैं नोटबंदी के घाव 

Dainik BhaskarNov 08, 2018, 11:39 PM IST

नई दिल्ली. नोटबंदी के 2 साल पूरे होने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि यह कदम अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार के अहम फैसलों में से एक है। नोटबंदी का मकसद करंसी जब्त करना नहीं था बल्कि टैक्स वसूली था। नोटबंदी के बाद टैक्स चोरी करना मुश्किल हो गया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी सोच-समझकर किया गया क्रूर षड्यंत्र था।

 

नोटबंदी सोच-समझ कर किया गया एक क्रूर षड्यंत्र था। यह घोटाला प्रधानमंत्री के सूट-बूट वाले मित्रों का काला-धन सफेद करने की एक धूर्त स्कीम थी।

इस कांड में कुछ भी मासूम नहीं था| इसका कोई भी दूसरा अर्थ निकालना राष्ट्र की समझ का अपमान है|


— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 8, 2018

 

नोटबंदी ने समाज को हिलाकर रख दिया- मनमोहन

नोटबंदी पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा- नरेंद्र मोदी सरकार का नोटबंदी का फैसला गलत था। इसने भारतीय अर्थव्यवस्था और समाज को हिलाकर रख दिया। नोटबंदी का देश के हर व्यक्ति पर प्रभाव पड़ा। कोई भी उम्र, जाति, व्यवसाय करने वाला इससे अछूता नहीं रहा। अक्सर कहा जाता है कि समय सबसे बड़ा मरहम है। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वक्त बीतने के बाद भी नोटबंदी के घाव और निशान ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का ऐलान किया था।

 

सरकार के निशाने पर था कालाधन

जेटली ने कहा कि सरकार के निशाने पर देश के बाहर जमा कालाधन था। संपत्तिधारकों से कहा गया कि वे टैक्स चुकाकर इस पैसे को देश में ले आएं। जो लोग ऐसा करने में नाकाम रहे, उन पर ब्लैक मनी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। देश के बाहर स्थित सभी खातों और संपत्तियों की जानकारी सरकार के पास है। 

 

जेटली ने कहा कि नोटबंदी ने लोगों को बैंकों में नकदी जमा करने के लिए मजबूर किया। इसके परिणामस्वरूप 17.42 लाख संदिग्ध खाताधारकों की पहचान की गई। बैंकों में बड़ी संख्या में पैसा जमा होने से उनकी कर्ज देने की क्षमता में इजाफा हुआ। इस पैसे को निवेश के लिहाज से म्यूचुअल फंड में डाला गया।

 

ज्यादा आयकर जमा हुआ

जेटली ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 (31 अक्टूबर 2018 तक) में पिछले साल के मुकाबले 20.2% ज्यादा व्यक्तिगत आयकर जमा हुआ। कॉरपोरेट टैक्स का कलेक्शन भी 19.5% ज्यादा रहा। जबकि 2014 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 6.6% और 2015 में 9% रहा।

 

नोटबंदी अर्थव्यवस्था पर गहरा घाव : केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मोदी के वित्तीय घोटालों की सूची काफी लंबी है। नोटबंदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक गहरा घाव दिया। फैसले के दो साल बाद भी यह रहस्य ही बना हुआ है कि देश को ऐसी आपदा में क्यों धकेला गया?”

Though the list of financial scams of Modi govt is endless, demonetisation was a self inflicted deep wound on Indian economy which even two years later remains a mystery why the country was pushed into such a disaster ?


— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) November 8, 2018

Source – Dainik Bhaskar



jaitley says demonetisation is a key decision to formalise economy updates | इससे अर्थव्यवस्था मजबूत हुई: जेटली, राहुल ने कहा- यह सोचा-समझा क्रूर षड्यंत्र था
2018-11-27 17:31:56

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