In the year of election year there is instability in the market SIP is a better option says Nimesh Shah | चुनाव वाले साल बाजार में अस्थिरता रहती है, इसमें एसआईपी बेहतर विकल्प: निमेश शाह

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In the year of election year there is instability in the market SIP is a better option says Nimesh Shah | चुनाव वाले साल बाजार में अस्थिरता रहती है, इसमें एसआईपी बेहतर विकल्प: निमेश शाह

Dainik Bhaskar

Jan 03, 2019, 11:14 AM IST

मुंबई. आम चुनाव के कारण 2019 शेयर बाजार के लिए अस्थिर रहने वाला है। हमारा मानना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट की वैलुएशन अभी ठीक है। यह ना तो सस्ता है और ना ही महंगा। बहुत से स्टॉक आकर्षक वैलुएशन पर उपलब्ध हैं। इसलिए फोकस व्यक्तिगत स्टॉक पर होना चाहिए। हाल के दिनों में कई वजहों से बाजार का मूड बेहतर बना हुआ है। कच्चा तेल सस्ता होने से चालू खाता और राजकोषीय, दोनों घाटा बढ़ने की आशंका कम हुई है। रुपया 74 से मजबूत होकर 70 के आस-पास आ गया है। बॉन्ड यील्ड में सुधार से इकोनॉमी पर ब्याज दरों का दबाव कम हुआ है। सबसे बड़ी बात है कि आर्थिक आंकड़े फिर से फाइनेंशियल स्थिरता के संकेत दे रहे हैं।

 

शॉर्ट टर्म से मीडियम टर्म तक देखें तो इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव रह सकता है। ऐतिहासिक रूप से चुनाव वाले साल बाजार की चाल ऐसी ही रही है। पिछले चुनावों को देखें तो 2004, 2009 और 2014 में बाजार ने निवेशकों को कई बार पैसे लगाने का मौका दिया। ऐसे माहौल में शेयरों में निवेश का सबसे अच्छा तरीका सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) होता है। 2019 भी एसआईपी के जरिए इक्विटी में निवेश का अच्छा मौका हो सकता है। आमतौर पर ऐसे समय के बाद बाजार में तेजी का माहौल बनता है। इसलिए जरूरी है कि निवेशक धीरज के साथ बाजार में बने रहें। हाल के वर्षों पर गौर करें तो ऐसा माहौल 2010 से 2013 के दौरान देखने को मिला था। उस समय बाजार की चाल सीमित दायरे में थी। जो निवेशक उस समय बने रहे उन्हें 2014-17 के दौरान तेजी के माहौल में अच्छा रिटर्न मिला। 

 

फेडरल रिजर्व के फैसले पर नजर रखें: इन सबके बीच निवेशकों को कुछ बातों का ध्यान रखने की भी जरूरत है। सबसे पहले अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व पर नजर रखनी चाहिए कि ब्याज दरों को लेकर वह क्या रुख अपनाता है। हमारा मानना है कि अमेरिका में जब ब्याज दरें बढ़ने का चरण पूरा होगा, उसके बाद भारतीय इक्विटी बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिलेगी। लेकिन उसके साथ बाजार में निवेश का समय भी पूरा हो चुका होगा। यानी उससे पहले ही निवेश के मौके मिलेंगे। 

 

नया एसआईपी भी शुरू कर सकते हैं: हमारा मानना है कि मौजूदा माहौल निवेशकों के लिए अच्छा है। उन्हें स्मॉल कैप, मिड कैप और वैल्यू फंड में एसआईपी के जरिए निवेश जारी रखना चाहिए। जिन निवेशकों के पास एसआईपी नहीं है वे भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं। 

 

एकमुश्त निवेश के लिए बैलेंस्ड फंड बेहतर: जो निवेशक एकमुश्त निवेश करना चाहते हैं उनके लिए बैलेंस्ड एडवांटेज फंड और इक्विटी सेविंग फंड अच्छा माध्यम हो सकता है। ऐसे फंड के मैनेजर स्कीम का पैसा इक्विटी और डेट दोनों में लगाते हैं। इसलिए बाजार में अगर गिरावट हो या अस्थिरता का माहौल बने तो निवेश का एक हिस्सा सुरक्षित रहता है। 

 

कम अवधि वाले डेट फंड भी अच्छे: जो निवेशक डेट फंड में पैसे लगाना चाहते हैं उनके लिए हमारा सुझाव है कि डायनेमिक ड्यूरेशन स्कीम चुनें। अस्थिरता में इसमें फायदा मिल सकता है। कम अवधि के फंड और एक्रुअल स्कीम को लेकर भी हमारी राय सकारात्मक है। कम अवधि के फंड आमतौर पर 1 से 3 साल की मैच्योरिटी अवधि वाले इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं। 

 

(ये लेखक के निजी विचार हैं। इनके आधार पर निवेश से नुकसान के लिए दैनिक भास्कर जिम्मेदार नहीं होगा।)

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2019-01-04 15:38:18

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