In new GDP metrics govt slashes growth in UPA 1 and UPA 2 | यूपीए के समय की ग्रोथ रेट बदलने पर कांग्रेस को आपत्ति, जेटली ने कहा- नए आंकड़े भरोसेमंद

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In new GDP metrics govt slashes growth in UPA 1 and UPA 2 | यूपीए के समय की ग्रोथ रेट बदलने पर कांग्रेस को आपत्ति, जेटली ने कहा- नए आंकड़े भरोसेमंद

  • सरकार ने 2005-06 से लेकर 2011-12 की ग्रोथ रेट के नए आंकड़े जारी किए थे
  • ऐसा पहली बार हुआ जब पिछली सरकार के कार्यकाल की ग्रोथ रेट के आंकड़े संशोधित किए गए
  • 2010-11 में 10.3% की ग्रोथ रेट को घटाकर 8.5% किया गया
  • कांग्रेस ने कहा- सरकार ने पुराने आंकड़ों में बदलाव कर भद्दा मजाक किया

Dainik Bhaskar

Nov 29, 2018, 05:13 PM IST

नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि जीडीपी के संशोधित आंकड़े भरोसेमंद और अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर पेश करने वाले हैं। यह अंतर्राष्ट्रीय मानकों के मुताबिक हैं। जेटली का कहना है कि ‘जीडीपी के संशोधित आंकड़े जारी करने वाला केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) एक प्रामाणिक संस्था है और वित्त मंत्रालय से दूरी बनाए रखता है। मुझे नहीं लगता कि वह अपनी गरिमा के खिलाफ कोई काम करेगा। सीएसओ ने जब 2012-13 और 2013-14 के लिए जीडीपी दर बढ़ाकर जारी की थी तो तत्कालीन सरकार ने स्वागत किया था। सीएसओ ने वही पैमाना अब लागू किया गया है।’

 

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार और मुख्य सांख्यिकीविद प्रवीण श्रीवास्तव ने बुधवार को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पिछले सालों की जीडीपी के संशोधित आंकड़े जारी किए थे। इसमें 2005-06 से 2011-12 तक यूपीए के समय की ग्रोथ रेट घटा दी गई। इसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर आंकड़ों में हेर-फेर करने का आरोप लगाया था। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने यह भद्दा मजाक किया है।

 

आंकड़ों पर बहस करें नीति आयोग के उपाध्यक्ष: चिदंबरम

  1. नए आंकड़ों पर पी चिदंबरम ने नीति आयोग की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी बेकार संस्था को बंद करने का वक्त आ गया है। उन्होंने बुधवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार को नए आंकड़ों पर बहस की चुनौती दी थी।


     



    I wonder if Niti Aayog Vice Chairman Rajiv Kumar will agree to a debate the data than telling journalists that their questions are “undeserving of an answer”.


    — P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) November 28, 2018

     


     


  2. राजीव कुमार बहस के लिए तैयार

    नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि उन्हें चिदंबरम का चैलेंज स्वीकार है। वो जीडीपी के संशोधित आंकड़ों पर बहस के लिए तैयार हैं।


     



    Hon. @PChidambaram_IN Ji,challenge accepted.Let’s discuss & dissect back series data.I gave 3 hrs of detailed interview yesterday & it is somewhat disingenuous of you to say that I asked the media to not ask questions. Do give more coherent reasons for ur difficulty with new data https://t.co/RxF38JZutx


    — Rajiv Kumar 🇮🇳 (@RajivKumar1) November 29, 2018

     


     


  3. साल
    पुरानी ग्रोथ रेट
    संशोधित ग्रोथ रेट
    2005-06
    9.3%
    7.9%
    2006-07
    9.3%
    8.1%
    2007-08
    9.8%
    7.7%
    2008-09
    3.9%
    3.1%
    2009-10
    8.5%
    7.9%
    2010-11
    10.3%
    8.5%
    2011-12
    6.6%
    5.2%

    (पुराना आधार वर्ष 2004-05, संशोधित आधार वर्ष 2011-12)


  4. सरकार की सफाई, स्रोत बदलने से यह अंतर आया

    नए आंकड़ों को लेकर मुख्य सांख्यिकीविद प्रवीण श्रीवास्तव ने कहा कि नई सीरीज में ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) में प्राइमरी सेक्टर का हिस्सा बढ़ा है। इसलिए आंकड़ों में यह अंतर दिख रहा है। डेटा के स्रोत भी बदले हैं। पहले खनन के लिए इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस से आंकड़े लिए जाते थे, अब सरकारी कंपनियों से आंकड़े लिए जा रहे हैं। बिजली और मैन्यूफैक्चरिंग के आंकड़ों के स्रोत भी बदले हैं।


  5. फोन ग्राहकों की जगह अब फोन का इस्तेमाल देखा जाता है

    आंकड़े बदलने का उदाहरण देते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया, ‘पुरानी सीरीज में टेलीकॉम सेक्टर में ग्राहकों की संख्या देखी जाती थी। नई सीरीज में यह देखा जाता है कि ग्राहक फोन का कितना इस्तेमाल करते हैं। इससे सेक्टर की वास्तविक स्थिति का पता चलता है।


  6. अगस्त में स्टैटिस्टिकल कमीशन के आंकड़ों को खारिज किया था

    नेशनल स्टैटिस्टिकल कमीशन की कमेटी ने अगस्त में जो रिपोर्ट दी थी, उसके मुताबिक 2004-05 से 2013-14 के दौरान ग्रोथ रेट मौजूदा सरकार के पहले 4 साल से ज्यादा थी। लेकिन सरकार ने उस रिपोर्ट को नहीं माना। राजीव कुमार ने कहा कि समिति द्वारा अपनाया गया तरीका गलत था।



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2018-12-06 10:51:24

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