Female Bouncer Team of Pune: lady bouncer firm of mumbai gets protection responsibility in pune – पुणे: न्यू इयर पब्स में महिला सुरक्षा का जिम्मा संभालेगी फीमेल बाउंसर्स की ‘खास टीम’

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Female Bouncer Team of Pune: lady bouncer firm of mumbai gets protection responsibility in pune – पुणे: न्यू इयर पब्स में महिला सुरक्षा का जिम्मा संभालेगी फीमेल बाउंसर्स की ‘खास टीम’

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पुणे
नए साल पर पुणे के तमाम रेस्त्रां और बार में इस बार सुरक्षा के लिए महिला बाउंसर्स को भी अहम जिम्मेदारी दी जा रही है। आम तौर पर पुरुष बाउंसर्स के साथ व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने वाले कई बार मैनेजर्स ने इस बार पुणे की स्वामिनी लेडी बाउंसर्स कंपनी फर्म को सुरक्षा का कामकाज सौंपा है। बड़ी बात यह कि सुरक्षा के लिए हायर की गई इस एजेंसी में तमाम ऐसी घरेलू महिलाओं ने भी बाउंसर के रूप में नौकरी शुरू की है, जो कि अब तक पारिवारिक वजहों से घर के बाहर काम करने में कतराती थीं।
स्वामिनी लेडी बाउंसर्स (एसएलबी) नाम की इस फर्म की शुरुआत पुणे में रहने वाली एक ब्यूटिशियन अमिता कदम ने की है। 2 साल पहले शुरू हुई इस कंपनी ने पांच कर्मचारियों के साथ शुरू हुए अपने स्टार्टअप में अब तक कुल 50 महिलाओं को बाउंसर के रूप में रोजगार दिया है। एसएलबी की तमाम महिला बाउंसर अब पुणे शहर के पब्स, होटेल और रेस्त्रां में काम करती हैं और इन सभी को यहां व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अमिता कदम का कहना है कि उन्होंने अपने स्टार्टअप के जरिए ना तमाम महिलाओं को रोजगार दिया है, बल्कि उन्हें सेल्फ डिफेंस, प्रबंधन और कम्युनिकेशन की ट्रेनिंग भी दी है। अमिता कहती हैं कि शुरुआत में उन्होंने इन महिलाओं को काम की धारा से जोड़ने के लिए कड़ी मशक्कत की और नौकरी देने से पहले इन सभी के परिवारों को भी काफी समझाना पड़ा।
‘नौकरी के लिए परिवार को करना पड़ा राजी’
वहीं कंपनी में काम करने वाली आरती का कहना है कि महिला बाउंसर के रूप में नौकरी शुरू करने से पहले उनके पति इसके लिए राजी नहीं थे। लेकिन जब उन्होंने नौकरी करने की इच्छा जाहिर की तो अमिता कदम ने खुद घर जाकर उनके पति को इसके लिए राजी किया। आरती के मुताबिक, अमिता ने इस मुलाकात के दौरान उनके ससुराल के लोगों को भी इस काम के महत्व को बताया और उनकी पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी ली। अमिता कदम का कहना है कि पहले पब्स और रेस्त्रा में जाने वाली महिलाएं पुरुष बाउंसर्स को लेकर थोड़ी असहज रहती थीं, लेकिन एसएलबी की शुरुआत के बाद अब महिलाओं में विश्वास बढ़ा है।
महिला सुरक्षा के लिए काम रही हैं बाउंसर्स
अमिता का कहना है कि वह महिलाओं को हिंसा के लिए प्रेरित नहीं करतीं, लेकिन अगर कोई किसी भी महिला से बदतमीजी करता है तो एसएलबी की बाउंसर्स इसका विरोध करती हैं। कदम का कहना है कि एसएलबी की महिला सदस्य शाम की शिफ्ट में होटेल्स और पब्स के लिए काम करती हैं, जबकि दिन में खाली समय के लिए उन्होंने दूसरी नौकरी को चुन रखा है। उन्होंने बताया कि एसएलबी की सदस्य कालंदी यहां एक स्कूल बस अटेंडेंट के तौर पर काम करती हैं। कालंदी के इस कदम से उन अभिवावकों में संतुष्टि है, जो कि अपने बच्चों खासकर बेटियों की सुरक्षा को लेकर बेहद परेशान रहते हैं क्योंकि बस में एक बाउंसर के तैनात होने से माता-पिता सुरक्षा के प्रति आश्वस्त हो जाते हैं। अमिता का कहना है कि महिलाओं की इस खास सिक्यॉरिटी एजेंसी में हर बाउंसर को रूटीन सैलरी के साथ हर शिफ्ट के लिए इंसेंटिव भी मिलता है, जिससे कि उन्हें परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने में काफी मदद मिलती है।

2019-01-04 01:24:27

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